बवासीर

By | October 26, 2018

बवासीर या Hemorrhoids (हेम-उह-रोइड्स), जिसे अर्श रोग भी कहा जाता है, में आपके गुदा और निचले मलाशय की नसें वैरिकोज नसों के समान सूज जाती हैं। बवासीर के कई कारण होते हैं, हालांकि अक्सर इसके कारण का पता नहीं चल पाता। यह गर्भावस्था के दौरान इन नसों पर पड़ने वाले दबाव के बढ़ जाने या सौच के दौरान पैदा होनेवाले तनाव के परिणाम स्वरुप भी हो सकता है। बवासीर मलाशय के अंदर स्थित (आंतरिक बवासीर) हो सकता है, या फिर यह गुदा के आसपास त्वचा के नीचे भी विकसित (बाहरी बवासीर) हो सकता है।

बवासीर एक आम बीमारी है। चार में से लगभग तीन वयस्कों को समय-समय पर बवासीर की शिकायत हो जाती है। कभी-कभी यह अपने लक्षण प्रकट नहीं करता है, हालांकि अन्य समयों पर यह खुजली, असुविधा और खून निकलने की शिकायत पैदा करता है।

कभी-कभी किसी बवासीर में एक थक्का बन जा सकता है (Thrombosed Hemorrhoids)। यह खतरनाक नहीं है, लेकिन बेहद दर्दनाक हो सकता है और कभी-कभी उसे चीरा लगाकर बहा देने की आवश्यकता होती है।

सौभाग्य से, बवासीर के इलाज के लिए कई प्रभावी विकल्प उपलब्ध हैं। कई लोग घरेलू उपचार और जीवन शैली में बदलाव के द्वारा इसके लक्षणों से राहत प्राप्त कर सकते हैं।

लक्षण

बवासीर के संकेत और लक्षणों में निम्नलिखित बातें शामिल हो सकती हैं:

• सौच के दौरान खून का दर्द रहित स्राव – आपको अपने टॉयलेट पेपर या शौचालय में चमकदार लाल रक्त की थोड़ी मात्रा दिख सकती है

• आपके गुदा क्षेत्र में खुजली या जलन

• दर्द या असुविधा

• आपके गुदा के चारों ओर सूजन

• आपके गुदा के पास एक गांठ, जो संवेदनशील या दर्दनाक हो सकता है (खून के थक्के वाला बवासीर हो सकता है)

बवासीर के लक्षण आमतौर पर शरीर में उसकी स्थिति पर निर्भर करते हैं।

आंतरिक बवासीर। यह मलाशय के अंदर होता है। इस बवासीर को आप आमतौर पर देख या महसूस नहीं कर सकते, और यह शायद ही कभी किसी असुविधा का कारण बनता है। लेकिन शौंच के समय पैदा होने वाले तनाव या जलन से बवासीर की सतह को नुकसान पहुंच सकती है और इससे खून निकल सकता है।

कभी-कभी दबाव देने पर गुदाद्वार से एक आंतरिक बवासीर बाहर निकल आ सकता है। इसे एक उभार वाले या भ्रंश वाले बवासीर के रूप में जाना जाता है जो दर्द और जलन पैदा कर सकता है।

बाहरी बवासीर। ये आपके गुदा के चारों ओर की त्वचा के नीचे होते हैं। किसी चीज से टकरा जाने पर बाहरी बवासीर में खुजली हो सकती है या उसमें से खून निकल सकता है।

खून के थक्के वाला बवासीर। कभी-कभी बाहरी बवासीर में खून के जमा हो जाने पर एक थक्का बन जा सकता है, जिसके परिणामस्वरूप गंभीर दर्द, सूजन, जलन के साथ ही आपके गुदा के पास एक कठिन गांठ बन जा सकता है।

डॉक्टर से कब मिलना चाहिए

सौच के दौरान खून का निकलना बवासीर का सबसे आम संकेत है। डॉक्टर बवासीर की पुष्टि करने और अधिक गंभीर परिस्थितियों या बीमारियों को खारिज करने के लिए आपकी शारीरिक जांच करने के साथ ही अन्य परीक्षण भी कर सकता है।

यदि आप जानते हों कि आपको बवासीर है जिससे दर्द पैदा होता है, अक्सर या अत्यधिक बार खून निकलता रहता है, या घरेलू उपचार से उसमें कोई सुधार नहीं होता हो, तो ऐसी स्थिति में भी अपने डॉक्टर से अवश्य मिलें।

मलद्वार से खून के निकलने मात्र से उसे बवासीर न मान लें, खासकर अगर आप 40 साल से अधिक उम्र के हैं। कई अन्य बीमारियों के कारण भी मलद्वार से खून निकल सकता है जिनमें कोलोरेक्टल कैंसर और गुदा कैंसर शामिल हैं। यदि आपके मलत्याग की आदतों में एक उल्लेखनीय परिवर्तन आने के साथ खून निकलता है या यदि आपके मल के रंग या उसकी सघनता में बदलाव आ गया है, तो अपने डॉक्टर से परामर्श करें। इस प्रकार के मल आपके पाचन तंत्र में किसी अन्य स्थान पर हो रहे और भी अधिक खून के स्राव का संकेत हो सकते हैं।

यदि आप मलद्वार से बड़ी मात्रा में खून के स्राव के साथ शारीरिक असंतुलन, चक्कर या बेहोशी का अनुभव करते हैं तो आपातकालीन देखभाल ग्रहण करें।

कारण

दबाव पड़ने पर आपके गुदा के चारों ओर की नसों में फैलने की प्रवणता होती है और फलतः उनमें उभार या सूजन आ सकती है। निम्न मलाशय में निम्नलिखित कारणों से बढ़ते दबाव के फलस्वरूप नसों में सूजन (बवासीर) आ सकती है:

• शौंच के दौरान पड़ने वाला दबाव

• शौचालय में लंबे समय तक बैठना

• पुराना दस्त या कब्ज

•मोटापा

• गर्भावस्था

• गुदा संभोग

• कम रेशेदार आहार

उम्र बढ़ने के साथ बवासीर की संभावना अधिक हो जाती है क्योंकि ऐसे में आपके मलाशय और गुदा में नसों का समर्थन करने वाले ऊतक कमजोर पड़ कर फ़ैल सकते हैं।

जटिलताएं

बवासीर की जटिलताएं काफी विरल हैं, जो निम्नलिखित हैं:

• रक्ताल्पता। शायद ही कभी पुराने बवासीर के कारण खून की होने वाली हानि से रक्ताल्पता हो सकती है, जिसमें कोशिकाओं तक ऑक्सीजन को ले जाने के लिए आपके शरीर में पर्याप्त मात्रा में स्वस्थ लाल रक्त कोशिकाएं नहीं होती हैं।

• दबा हुआ बवासीर। यदि एक आंतरिक बवासीर को खून मिलना बंद हो जाए, तो बवासीर “अवरुद्ध” हो सकता है; जो अत्यधिक दर्द का एक और कारण है।

निवारण

बवासीर को रोकने का सबसे अच्छा तरीका है अपने मल को नरम रखना, ताकि वह आसानी से निकल सके। बवासीर को रोकने और उसके लक्षणों को कम करने के लिए निम्नलिखित युक्तियों का पालन करें:

• उच्च रेशेदार खाद्य पदार्थ खाएं। अधिक फल, सब्जियां और साबुत अनाज खाएं। ऐसा करने से मल नरम हो जाता है और उसकी मात्रा बढ़ जाती है, जो आपको मलत्याग के लिए बवासीर का कारण बनने बाले दबाव देने से बचने में मदद करेगा। गैस संबंधी समस्याओं से बचने के लिए अपने आहार में धीरे-धीरे फाइबर जोड़ें।

तरल पदार्थ का खूब सेवन करें। मल को नरम रखने में मदद के लिए हर दिन छह से आठ गिलास पानी और अन्य तरल पदार्थ (शराब नहीं) पीएं।

• रेशेदार पूरक आहारों पर ध्यान दें। अधिकांश लोगों को अपने आहार से -महिलाओं के लिए एक दिन में 25 ग्राम और पुरुषों के लिए 38 ग्राम -प्रति दिन पर्याप्त मात्रा में रेशा नहीं मिलता। अध्ययनों से पता चला है कि मेटाम्यूसिल और सिट्रूसेल जैसे बिना नुस्खे के मिलने वाले रेशेदार पूरक आहार बवासीर के समग्र लक्षणों और खून के स्राव में सुधार करते हैं। ये उत्पाद मल को नरम और नियमित रखने में मदद करते हैं। अगर आप रेशेदार पूरक का उपयोग करते हैं, तो कम से कम आठ गिलास पानी या अन्य तरल पदार्थ जरूर पियें। अन्यथा यह पूरक कब्ज पैदा कर सकता है या कब्ज को बदतर बना सकता है।

• दबाव न डालें। मल को निकालने की कोशिश करते समय सांस को रोककर दबाव डालने से निचले मलाशय की नसों में अधिक दबाव पड़ता है।

• मलत्याग का आग्रह होते ही तुरंत जाएं। यदि आप मलत्याग के लिए प्रतीक्षा करते हैं तो आग्रह ख़त्म हो जाता है, इससे आपका मल सूख सकता है और तब उसका निकलना मुश्किल हो जाता है।

• व्यायाम। कब्ज से बचने और लंबी अवधि तक बैठे या खड़े रहने से नसों पर पड़ने वाले दबाव को कम करने के लिए सक्रिय रहें। व्यायाम आपके बवासीर में योगदान देने वाले अतिरिक्त वजन को कम करने में भी मदद कर सकता है।

• बैठने की लंबी अवधि से बचें। विशेष रूप से शौचालय में बहुत लंबे समय तक बैठने पर गुदा की नसों पर दबाव बढ़ सकता है।

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