चुदाई के दौरान मेरे लंड का कड़ापन क्यों ठंडा पड़ जाता है?

By | May 4, 2018
चुदाई के दौरान मेरे लंड का कड़ापन क्यों ठंडा पड़ जाता है?

About DR. RICHA AHUJA

Physical Health And Behavioural Sciences

मर्दों को चुदाई पसंद है. इस तथ्य को हर व्यक्ति जानता है. मर्दों की पत्रिका के अनुसार औसतन एक मर्द की पूरी ज़िन्दगी में कम से कम ६ सहवास साथी रहे होते हैं, वहीं ५ में से १ मर्द के कम से कम १५ या इससे भी अधिक सहवास साथी होते हैं. रिपोर्ट के अनुसार ६०% मर्द अक्सर हस्तमैथुन करते हैं और अपने साथी के साथ चुदाई में ८५.१% मर्दों को चरमोत्कर्ष प्राप्त हो जाता है. दुर्भाग्यवश सभी मर्द एक जैसे नहीं होते हैं, हालाँकि ज्यादातर मर्द चुदाई का मज़ा लेते हैं लेकिन कुछ मर्दों को चुदाई में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. वीर्य के निकलने से सम्बंधित समस्याएं सबसे ज्यादा देखने को मिलती हैं, जिसमे जल्दी पानी का छूट जाना सबसे गंभीर समस्या है, ऐसा लगता है कि बहुत बड़ी संख्या में मर्दों को चुदाई के समय कड़ेपन की समस्या महसूस होती है. इस लेख में, हम इस बात पर चर्चा करेंगे कि कड़ेपन की समस्या क्या है, चुदाई के समय किन कारणों से कड़ापन ठंडा पड़ जाता है, और अपने कड़ेपन को बरक़रार रखने के लिए आप इन लक्षणों को कैसे मात दे सकते हैं.

इरेक्टाइल डिसफंक्शन एवं इरेक्शन सस्टेनेबिलिटी

इरेक्टाइल डिसफंक्शन एक चिकित्सकीय शब्द है जो कि किसी मर्द की लंड को खड़े करने और इसको बरक़रार रखने की क्षमता को दर्शाता है. बिना कठोर कड़ेपन के एक मर्द चुदाई में भलीभांति प्रदर्शन नहीं कर पाता है जिससे उसे और उसके साथी को चुदाई का पूरा आनंद प्राप्त नहीं हो सकता है. कुछ मामलों में मर्दों का लंड चुदाई के ठीक पहले कड़ा तो हो जाता है, लेकिन चुदाई के दौरान जल्द ही ठंडा पड़ जाता है. यह किसी मर्द के लिए बहुत ही लज्जा का कारण हो सकता है कि पहले तो उसका लंड कड़ा हुआ लेकिन चुदाई करते समय ढीला पड़ गया, यह समस्या दोनों साथियों के रिश्ते में दरार का कारण भी बन सकती है. ये सारी समस्याएँ जो कि कड़ेपन के इर्द गिर्द घूमती हैं उन्हें इरेक्टाइल डिसफंक्शन के नाम से जाना जाता है.

इरेक्टाइल डिसफंक्शन समग्र विश्व में अच्छे खासे मर्दों को प्रभावित करती है. क्लीवलैंड क्लिनिक रिपोर्ट के अनुसार केवल अमेरिका में ही ५२% मर्द इरेक्टाइल डिसफंक्शन की समस्या से ग्रसित हैं – इसमें किसी भी तरह के लक्षण सम्मिलित हैं, कम समस्या से लेकर गंभीर समस्या तक. उनकी रिपोर्ट के अनुसार यह समस्या उम्र बढ़ने के साथ और भी गंभीर होती चली जाती है. ४० की दहलीज पर कदम रखते-रखते लगभग ४०% मर्दों को कड़ेपन की समस्या के किसी न किसी पहलू का सामना करना पड़ता है. ७० की उम्र तक आते – आते लगभग ७०% मर्द किसी न किसी कड़ेपन की समस्या से जूझ रहे होते हैं.

Erectile Dysfunction

इन लक्षणों के कारण क्या है?

जब कोई व्यक्ति अपने साथी के साथ चुदाई में अपने कड़े लंड को ढीला पड़ते हुए पाता है, तो वह तुरंत ही देखने लगता है कि कहीं उसके कड़ेपन में कोई बड़ी समस्या तो नहीं हो गयी है जो कि ज़िन्दगी भर उसको परेशान करती रहेगी. ऐसी समस्या तो बूढ़े लोगों के साथ संभव है लेकिन युवा लोगों की समस्याएं जो कि अस्थायी कारणों के चलते होती हैं उनका समाधान थोड़ी ही मेहनत से किया जा सकता है. इसी कारण कड़ेपन की समस्याओं के पीछे के कारणों को जान लेना, प्रत्येक व्यक्ति के अनुसार उन कारणों की सही जांच करना कि किसी व्यक्ति को यह समस्या क्यों हो रही है, अतिआवश्यक है. चुदाई के दौरान कड़ेपन के चले जाने के पीछे हर व्यक्ति के अपने अलग – अलग कारण हो सकते हैं, इसलिए सही कारण की जांच करना अतिआवश्यक है.

रक्त संचरण सिस्टम का किसी मर्द के कड़ेपन में बहुत ही अधिक योगदान होता है. जिस समय रक्त प्रवाह की मात्रा कम होती है उस समय किसी मर्द के लिए अच्छे कड़ेपन को पाना सम्भव नहीं हो पाता है, और वह व्यक्ति लम्बे समय तक के लिए अपने कड़ेपन को भी बरकरार नहीं रख पाता है जिससे कि सही से सम्भोग को अंजाम दिया जा सके. इस तरह से रक्त के प्रवाह में कमी ही कड़ेपन की समस्या का सबसे प्रचलित कारण है, लेकिन इसके साथ ही यह कारण बूढ़े लोगों में अधिक प्रचलित है क्योंकि धमनियों में जमाव, उच्च रक्तचाप और ह्रदय से सम्बंधित ज्यादातर समस्याएं बढ़ती उम्र वाले लोगों को अधिक होती हैं.

जीवनशैली से सम्बंधित आपकी गतिविधियों से भी चुदाई के दौरान कड़ेपन पर प्रभाव पड़ता है. मायो क्लिनिक की रिपोर्ट के अनुसार तम्बाकू या अल्कोहल आदि के सेवन से भी किसी मर्द के कड़ेपन पर काफ़ी नकारात्मक असर पड़ता है. गैरकानूनी ड्रग्स का सेवन करने से भी कड़ेपन पर गलत असर पड़ सकता है और चुदाई की प्रक्रिया खत्म करने से पहले ही लंड ढीला पड़ सकता है.

युवा लोगों में, ख़ास तौर पर वे युवा जिनका लंड कड़ा हो जाता है लेकिन चुदाई के दौरान ढीला पड़ जाता है, उनके कड़ेपन की समस्या का सबसे प्रमुख कारण “सेक्सुअल परफॉर्मेंस एंग्जायटी” होती है. यह समस्या एक मानसिक समस्या है जिसमे चुदाई के पहले ही अपनी परफॉर्मेंस को लेकर मर्द परेशान रहने लगता है. मर्द अपनी ताक़त पर सवाल उठाने लगता है और सोचने लगता है कि क्या मैं अपनी पार्टनर को चुदाई में ख़ुशी दे भी पाउँगा या नहीं. वेबएम्.डी. इस बात को बतलाते हैं कि चुदाई के दौरान या पहले जब ऐसे ख्याल किसी पुरुष के मन में आते हैं तो इस बात की बहुत ही अधिक आशंका है कि चुदाई के दौरान उसका लंड ढीला पड़ जायेगा.

इलाज़ एवं औषधियां

अगर आप भी ऐसे लक्षणों को महसूस करते हैं तो ऐसा कदापि नहीं है कि आप कभी भी ऐसी चुदाई नहीं कर पायेंगे जहाँ आप चरमोत्कर्ष का आनंद ले सकें. कड़ेपन को बरकरार रखने के लिए कई विकल्प मौज़ूद हैं, लेकिन सही विकल्प का चुनाव उस ख़ास व्यक्ति की स्थिति के आधार पर ही किया जा सकता है – कम शब्दों में कहें तो समस्या के सही कारण का पता लगाना होगा. वयाग्रा उन कुछ प्रसिद्ध औषधियों में से एक है जिन्हें अक्सर डॉक्टर्स ऐसी समस्याओं से जूझ रहे लोगों को लिख देते हैं, लेकिन इसके कुछ दुःखदायी नकारात्क प्रभाव भी हैं.

Treatments and Remedies

आस्क मेन इस बात को अच्छे से बतलाते हुए कहते हैं कि अगर आप सेक्सुअल परफॉर्मेंस एंग्जायटी जैसे लक्षणों को महसूस कर रहे हैं तो सबसे पहला कार्य आपको यही करना चाहिए कि पता करें कि आख़िरकार आपके साथ ऐसा हो ही क्यों रहा है. प्रत्येक व्यक्ति और उसके रिश्ते अलग – अलग होते हैं इसलिए इन समस्याओं के पीछे के कारण भी प्रत्येक व्यक्ति के अनुसार अलग ही होंगे. कोई एक व्यक्ति आत्मविश्वास की कमी से ग्रसित हो सकता है या फिर उसे अपने शरीर को लेकर अन्य लोगों से कॉम्प्लेक्स रहता होगा, या फिर उसे यह लगता हो कि वह अपने साथी को चुदाई का सही मज़ा नहीं दे पा रहा है. बस एक बार जैसे ही समस्या का असली कारण पकड़ में आ गया, उसके बाद आप उस समस्या से लड़ने की तैयारी शुरू कर सकते हैं – इन सबमें अपने साथी से खुलकर बात करना बहुत ही कारगर होता है.

निष्कर्ष

चुदाई तनाव से छुटकारा दिलाने का एक प्राकृतिक उपाय है, लेकिन चुदाई में चीज़ें हमेशा उतनी आसान नहीं होती हैं जितना कि एक मर्द चाहता है. मर्दों के लिए सेक्सुअल डिसऑर्डर से सम्बंधित बीमारियाँ बहुत ही प्रचलित हैं, जिनमे कड़ेपन की समस्या सबसे अधिक सामान्य है. चुदाई के दौरान लंड का ढीला पड़ जाना न केवल आपको हताश करने वाला हो सकता है बल्कि यह लज्जित करने वाला भी होता है. भाग्यवश, कड़ेपन को लम्बे समय तक टिकाने वाले विकल्प मौज़ूद हैं – और ऐसे सभी विकल्प दवाओं से सम्बंधित नहीं हैं.

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